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क्या बंद phone की location मिल सकती है? मिथक और सच्चाई

Portrait of Daniel Reyes, who writes the privacy and technology guides for Be CloserDaniel Reyes 8 मिनट का रीड

एक वाक्य का नियम, जिस डिवाइस में बिजली नहीं है उसे कोई ऐप या network नहीं ढूँढ सकता। असल में मिलती है वह आख़िरी location जो बुझने से पहले दर्ज हुई थी, या वह पल जब phone दोबारा चालू होता है। Apple और Android के ऑफलाइन नेटवर्क उपयोगी हैं, पर जादू नहीं हैं ।

कभी न कभी हर घर में यह होता है। बेटी की शादी में गए भाई का phone अचानक चुप हो जाता है, बेटे की battery कोचिंग के बीच में बैठ जाती है, या भीड़ भरी बस में phone जेब से निकल जाता है और कुछ ही मिनटों में बंद कर दिया जाता है। इसके बाद सवाल हमेशा एक ही होता है, क्या अब भी उसकी location मिल सकती है।

ईमानदार जवाब कहीं बीच में है। बिजली बचाने के लिए बंद किया गया phone, एरोप्लेन मोड में रखा phone और battery ख़त्म होकर बुझा phone, ये तीनों अलग तरह से बर्ताव करते हैं। यह फर्क समझ लेना किसी भी ऐप से ज़्यादा काम आता है, क्योंकि इससे पता चलता है कि नक्शे पर बिंदु रुक जाने के बाद असल में उम्मीद क्या रखनी है ।

यह लेख किसी ऐसी सुविधा का विज्ञापन नहीं है जो होती ही नहीं। यह सीधी बात है कि बंद होने का मतलब क्या है, ऑफलाइन नेटवर्क क्या कर सकते हैं और क्या नहीं, और ऐसे मौकों पर सबसे उपयोगी जानकारी समय की मुहर वाली आख़िरी location क्यों होती है ।

phone का बंद होना असल में क्या होता है

हम बंद शब्द तीन अलग हालतों के लिए इस्तेमाल करते हैं, और यहाँ यह फर्क बहुत मायने रखता है। पावर बटन दबाकर बंद किए गए phone में कोई रेडियो चालू नहीं रहता, न मोबाइल network, न Wi-Fi, न Bluetooth। एरोप्लेन मोड वाला phone चालू तो है पर उसके रेडियो जानबूझकर चुप कर दिए गए हैं, इसलिए location के मामले में नतीजा वही रहता है। battery ख़त्म होकर बुझा phone इन दोनों के बीच है, वह उसी पल भेजना बंद करता है जब चिप को बिजली मिलनी रुक जाती है ।

आख़िरी हालत ही लोगों को सबसे ज़्यादा उलझाती है। phone हर सेकंड location नहीं भेजता, वह थोड़े थोड़े अंतराल पर जानकारी भेजता है। आख़िरी सफल अपडेट और battery के पूरी तरह बैठने के बीच कुछ सेकंड से लेकर लगभग एक घंटे तक का अंतर हो सकता है, यह सेटिंग और network की हालत पर निर्भर है। इसलिए मरती हुई battery से मिली आख़िरी location सच्ची जानकारी है, पर वह बुझने के पल की तस्वीर नहीं है ।

तीन हालतें, सीधे शब्दों में

  • पूरी तरह बंद, कोई रेडियो चालू नहीं, कुछ भेजा नहीं जाता, दोबारा चालू होने तक कुछ नहीं मिलेगा ।
  • एरोप्लेन मोड, phone चालू है पर रेडियो चुप हैं, location के लिहाज़ से नतीजा बंद phone जैसा ही है ।
  • battery ख़त्म, आख़िरी भेजी गई location बुझने से पहले की तस्वीर है, ठीक उसी पल की नहीं ।

आख़िरी दर्ज location लाइव ट्रैकिंग से ज़्यादा क्यों काम आती है

लोग जो कल्पना करते हैं वह लाइव ट्रैकिंग है, नक्शे पर चलता हुआ बिंदु। पर जिन हालात में phone ढूँढना सबसे ज़रूरी होता है, यानी वह खो गया हो, चोरी हो गया हो या battery बैठ गई हो, ठीक उन्हीं हालात में लाइव बिंदु मौजूद नहीं होता, क्योंकि जोड़ ही टूट चुका है। बचती है वही location जो चुप होने से पहले दर्ज और भेजी जा चुकी थी ।

यह कोई कमज़ोर विकल्प नहीं है। समय की मुहर के साथ आख़िरी location बताती है कि खोजना कहाँ से शुरू करें और वह जानकारी कितनी पुरानी है। यही तो चाहिए फैसला लेने के लिए। क्या वापस उसी दुकान तक जाना ठीक रहेगा, या इतना समय बीत चुका है कि phone वहाँ मिलने की उम्मीद कम है। बिना समय बताए दिखाया गया बिंदु कई बार ज़्यादा भ्रम पैदा करता है ।

समय की मुहर के बिना location अधूरी जानकारी है। यह इस पूरे विषय का सबसे उपयोगी वाक्य है। अगर आप और गहराई में जाना चाहें तो phone को अपनी location कैसे पता चलती है पढ़िए, वहाँ यह बताया गया है कि यह अंदाज़ा बनता कैसे है ।

Apple और Android के ऑफलाइन network क्या कर पाते हैं

दोनों कंपनियों ने ऐसे network बनाए हैं जिनमें आसपास मौजूद दूसरे डिवाइस, कम बिजली वाले Bluetooth संकेत को पकड़कर आगे पहुँचा देते हैं। कुछ हालात में इससे ऐसा डिवाइस भी दिख जाता है जो सीधे किसी network से जुड़ा नहीं है। यह असल में उपयोगी है, पर इसकी सीमाएँ साफ़ हैं ।

  • आसपास किसी और का सक्षम डिवाइस होना ज़रूरी है। सुनसान सड़क या खाली गोदाम में यह तरीका काम नहीं करता ।
  • यह सुविधा पहले से चालू और खाते से जुड़ी होनी चाहिए। खोने के बाद इसे चालू नहीं किया जा सकता ।
  • इसमें बिजली की कुछ मात्रा फिर भी लगती है, इसलिए पूरी तरह मरी हुई battery के साथ यह भी चुप हो जाती है ।
  • यह डिवाइस ढूँढने के लिए है, किसी व्यक्ति की देखभाल के लिए नहीं। दोनों काम अलग हैं ।

भारत में एक और बात जुड़ती है, दो सिम वाला phone। अगर एक सिम में data पैक ख़त्म है और दूसरे में चालू है, तो phone चालू होने पर भी अपडेट भेजने की क्षमता बदल जाती है। इसका मतलब यह नहीं कि phone बंद है, बस उसकी आवाज़ धीमी है ।

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phone चुप हो जाए तो पहले क्या करें

  1. 1आख़िरी location और उसका समय नोट कीजिए। स्क्रीनशॉट ले लीजिए, ताकि बाद में याद रखने की ज़रूरत न पड़े ।
  2. 2उसी नंबर पर कॉल और WhatsApp दोनों आज़माइए। कई बार network नहीं होता पर Wi-Fi पर संदेश पहुँच जाता है ।
  3. 3घर के WhatsApp ग्रुप में एक बार पूछ लीजिए। अक्सर वह व्यक्ति किसी और के साथ सुरक्षित बैठा होता है ।
  4. 4आख़िरी location वाली जगह पर फोन कीजिए, जैसे दुकान, कोचिंग या सोसाइटी का गेट ।
  5. 5अगर चोरी का शक हो तो डिवाइस को दूर से लॉक कीजिए और ज़रूरत पड़ने पर पुलिस में सूचना दीजिए ।

पहले घंटे का क्रम अलग से समझना हो तो phone खो जाए तो पहला घंटा देखिए। वहाँ यही कदम और विस्तार से हैं ।

जिस शाम मेरे पिता का phone चुप हुआ, हमें उसकी लाइव location नहीं चाहिए थी। हमें बस यह जानना था कि आख़िरी बार वह स्टेशन के पास था और वह जानकारी बीस मिनट पुरानी है। इतने से ही फैसला हो गया ।

आगे के लिए तैयारी कैसे रखें

इस विषय में सबसे अच्छा काम पहले से होता है, बाद में नहीं। घर में बिजली जाना आम बात है, इसलिए एक चार्ज किया हुआ पावर बैंक बैग में रखना उतना ही उपयोगी है जितना कोई भी ऐप। बच्चों के बस्ते में और बड़ों के बैग में एक छोटी चार्जिंग केबल रख देना, कई शामें आसान कर देता है ।

  • घर में तय कीजिए कि battery कम होने पर एक संदेश ज़रूर भेजा जाएगा ।
  • मिलने की एक तय जगह रखिए, ताकि phone चुप होने पर भी योजना बची रहे ।
  • बुज़ुर्गों के phone में समय पर चार्ज करने की आदत बनाइए, रात में तकिए के पास चार्जर रखना सबसे आसान तरीका है ।
  • अगर परिवार में location साझा है तो सबको पता होना चाहिए कि वह साझा है ।

Be Closer मुफ्त डाउनलोड है, 13 भाषाओं में उपलब्ध है और location में 95 प्रतिशत तक सटीकता देता है। फिर भी इस लेख का नियम नहीं बदलता, बिजली नहीं तो संकेत नहीं। जो ऐप यह साफ़ कहता है, वही भरोसे लायक है ।

वो सवाल

Portrait of Daniel Reyes, who writes the privacy and technology guides for Be Closer
Daniel Reyes
Privacy, Trust & How It Works

Daniel covers privacy, consent and the technology under the hood. A dad who reads the settings screens so you don't have to, he believes the best family tech is the kind you can explain to your kid in one sentence, and that nothing should ever be tracked in secret.

Our guides are written by Be Closer's editorial voices and reviewed by the team behind the app. Questions? support@becloser.com

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